Monday, December 24, 2007

मोदी की जीत का मतलब

गुजरात के मतदान मैं मोदी की जीत ने जो करारा तमाचा कांग्रेस के मुँह पर मारा है उम्मीद है कांग्रेस उससे सबक लेगी। गुजरात आम चुनाव के परिणाम सिर्फ गुजरात तक सीमित रहेंगे ऐसा बिल्कुल नहीं है , इसके दूरगामी परिणाम पूरे देश की राजनीत को प्रभाबित करनेवाले हैं । राम को ऍन चुनावों से पहले काल्पनिक बताना , राम सेतु मुद्दा, निरर्थक मुस्लिम्बाद, और मोदी के मुक़ाबले एक मज़बूत उम्मीदवार कि कमी ने कांग्रेस की लुटिया डूबने का पूरा इंतजाम कर दिया था । कहना गलत न होगा की मोदी की जीत भारतीये सांस्कृतिक स्मिता और उसकी महान धार्मिक विरासत की जीत है। कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए अरक्षण की वकालत, राम कि स्मिता को चुनौती देकर भार्तिये स्वाभिमान को ललकारा था इस सबके गंभीर परिणाम उसे अगले हिमांचल तथा देश के अन्य चुनावों में हर के रुप में मिलें तो आश्चर्य न होगा। मोदी की काबलियत और गुजरात दंगों में उनकी भूमिका का सच जो भी हो पर वो सारे मुद्दे इस चुनाव में कहीं पीछे छूट गए थे, मुख्य मुद्दा तो राम को झूठा बताना, रामसेतु, सहब्बुद्दीन मामला, मौत के सौदागर और हिन्दू आतंकवादी जसे बयां ही रहे। कांग्रेस और उसके चन्तु-बन्तुवों को ये मालूम होना चहिये कि पंथ निर्पेछ्ता कांग्रेस की जागीर नहीं है और न ही सोनिया जी इसकी अविस्कारक है, बल्की एह महान भारत और हिन्दू धर्म वर्षों पुरानी परंपरा है। मोदी जी जीत की बधाई । कांग्रेस के कर्णधारों को भार्तिये सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना सीखना होगा। गुजराती भाई बहनो को इस स्वाभिमान परक कार्य हेतु कोटी कोटी सधुबाद।